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कितना यकीन करूं

Manmohan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            चाह कर भी कितना यकीन करूं
        
                                                    
                            
झूठे लोगों के बातों पर
इस दुनिया ने अपने अंदर से दिल ही कहीं निकाल कर
फेक दी है
चाह कर भी यकीन नहीं कर सकता।।

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4 वर्ष पहले
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