दूसरों के खातिर अपने भी अपने के पराए हो गए
बस इतनी सी बात के लिए कि मैंने कुछ बाते बोल दी
इतनी सी बात के लिए कोई ऐसा नहीं करता
जरूर कोई बात रही होगी
ऐसे ही कोई बेगाना नहीं हुआ करता।।