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इंतजार

Manmohan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शाम होने को चली है
        
                                                    
                            
किसी के इंतजार में
उन्होंने कहा था इंतजार करो मेरा
मैं आऊंगा पर ये कैसा आना
आओगे भी या नहीं मुझे सच सच बताना
ऐसे न मुझे तुम तड़पाओ
अगर मैंने ऐसा किया न
बाकी तुम समझदार हो।।

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4 वर्ष पहले
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