विज्ञापन

दुनियां क्या जानें

Manmohan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आलम है जिंदगी का ऐसा
        
                                                    
                            
आलम है जिंदगी का ऐसा
रोके से न रुके मेरे आंसू,
पर दुनिया क्या जाने
दुनिया को लगता है
मैं हँसता ही रहता हूं।।।

- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
4 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

RATAN KUMAR

613 कविताएं

View Profile

Rajiv Tyagi

423 कविताएं

View Profile

Anil Kumar

4215 कविताएं

View Profile