जिसे मैं अपना मानता हूं
वो आज कल बेगाने हो रहे है
कुछ पूछता हूं तो
बात को घूमने लगे है कहे तो नजर अंदाज करने लगे है
दिल से कहूं तो बात छुपाने लगे है
जो पहले कैहता था आप पूछ कर तो देखिए
मैं बताऊंगा लेकिन कर क्या रहे है
कोई न आज बारी आपकी है
कल हमारी होगी
फिर ये मत कैहना
ये क्या हो रहा है
समझे जनाब
थोड़ा सोचिए जरूर
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