अपनों की महफिल में मैं अकेला साथी ढूंढता रह गया
साथी थे कई सब दूर हो गए
और मैं वहीं का वहीं रह गया
अब पता नहीं दुबारा मिलेंगे या नहीं
तुम याद तो बहुत आओगे पर मैं याद करूंगा नहीं
पता है क्यों मुझे और गम नहीं चाहिए इतना ही काफी है
तुम्हें याद न करने के लिए।।
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