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ऐसा तो नहीं था

Manmohan Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            होली का आज ये दिन है
        
                                                    
                            
पर मैं खामोश हूं
क्या हो गया है मुझे
ऐसा तो नहीं था मैं
ये क्या मुझे हो रहा है
खुद से मैं खुद को
दूर कर रहा हूं
 
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें। 
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