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तुमसे मिल कर

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अंजान थे
        
                                                    
                            
तो सुकून था
सब जान कर
हलकान हुए

दूर थे
तो करीब थे
मिल कर
रकीब हुए

मौन थे
तो गज़ल थे
बखान कर
दीवान हुए।
-मं शर्मा 
एक महीने पहले
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