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पतझड़

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            धुंधलाती सी आँख लिए
        
                                                    
                            
जब से जीवन की साँझ हुए
पतझड़ कभी गया ही नहीं
मौसम आए और गए।
-मं शर्मा 
2 महीने पहले
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