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खुशबू

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            शिवालय में अर्पित फूल हों कि
        
                                                    
                            
गजरों में महकती हुई खुशबू
जहाँ भी रहूँ दिलों को छू जाऊँ
खिलूँ कि मुरझाऊँ फूल कहलाऊँ।
-मं शर्मा 
3 घंटे पहले
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