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कागज़ की नाव

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बारिश की बूँदों से नहाई
        
                                                    
                            
सीली सीली बयार चली
दरिया की लंबी सड़क पर
कागज़ की वो नाव चली

पार उतरी कि मंझधार डूबी
बिन नाविक बेबाक चली
लहरों के सीने भेदती
वो कागज की नाव चली ।
-मं शर्मा
2 महीने पहले
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