विज्ञापन

फिर मिलेंगे

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिसको देखा न मिलना हुआ कभी
        
                                                    
                            
उस खुदा से दुआओं का राबता रहा

पास बिठाया ना कभी भुलाया उसने
दुआओं में फिर मिलने का वास्ता रहा।
-मं शर्मा 
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile