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बरसते बादल

Manju Sharma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बरस जाता है
        
                                                    
                            
बादल बरबस
गरज गरज कर भी
जानता है तृप्त होगी
प्रकृति उसके
निर्मल जल से ही

सह लेती है धरा
सीने पर
कुठाराघात भी

जानती है उपजेंगी
जीवन की कोपलें
उसकी कोख से ही।
-मं शर्मा 
3 महीने पहले
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