अनिश्चिताएँ सदैव
सच नहीं होतीं
जो निश्चित है
वही सत्य है जैसे
जन्म और मृत्यु
परिस्थितियाँ सदैव
प्रतिकूल नहीं होतीं
जो अनुभूति है
वही अहसास है जैसे
सुख और दुख ।
-मं शर्मा