इतना ऊँचा भी न कर कद अहम का
चोट खाई तो टूटकर बिखर जाएगा
इतराया न कर खुद को अंबर समझकर
औंधे मुँह गिरा तो धरा पे आ जाएगा।
-मं शर्मा