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मन कि व्यथा

Manju kasana

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मन कि बातें मन तक रखो
        
                                                    
                            
सब को मत बतलाओ
कोई नही किसी का यहाँ
सब पर मत विश्वास बनाओ
रोग दोष और गरीबी सब यहाँ अपने है
रोकर दुख अपना मत किसी का जता ओ
अपना बनकर छलते है सब
इन लोग सें बच जाओ
अपने मन कि व्यथा को बस अपने मन को बताओ
रोकर पूछते है सब हसकर उड़ाते है
बात हमारी वो सारे मेँ फैलाते है
अपने दर्द पर मरहम खुद ही लगाओ
मन कि बातें मन तक रखो सबको मत बतलाओ,,,
-मंजू आस्था
2 घंटे पहले
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