विज्ञापन

मौन में अब ढले हैं तुम्हारे लिए

Manju Jakhar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मौज में हम बहे हैं तुम्हारे लिए
        
                                                    
                            
गमज़दा भी हुए हैं तुम्हारे लिए
थक गए हैं पुकार कर लब मगर
मौन में अब ढले हैं तुम्हारे लिए
-- मंजू
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all