विज्ञापन

कभी ना कहना

Manju Anand

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कल देख लेंगे,
        
                                                    
                            
कल कभी आया ही नहीं,
तो फिर क्या करेंगें?
आज अभी ज़िंदा हैं,
कल कुछ भी हो सकता है,
आज को अगर जिया नहीं,
तो फिर क्या करेंगे?
एक कल के भरोसे ,
कितने आज गवां दिए,
कल ने कल भी अगर साथ छोड़ा,
तो फिर क्या करेंगे,?
मेरी मानों तो कभी ना कहना,
कल देख लेंगे।
7 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Dn Chaubey

7095 कविताएं

View Profile