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सौतेलापन

Manish Pandey

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मां! तेरे हैं, और भी बच्चे
        
                                                    
                            
तुमको लगते हैं सब अच्छे

भैया, बाबू, दीदी, छोटी
तुम सबके कष्टौ में होती

भैया को कहती तुम भोले
बाबू को कहती बड़बोले
दीदी है सीधी सादी
छोटी है बातूनी दादी

मुझसे क्या हो गई भूल
जो तुमने किया न कभी कबूल

जब जब तुमने धिक्कारा है
सच मान उसे स्वीकारा है

मां! तेरी हैं संतान अनेक
पर मेरे लिए तू है बस एक

बुद्धिहीन मैं, घनहीन
मां के रहते मैं, माऋहीन

मैं दुःख के बीच अकेला हूं
मां! सच में मैं सौतेला हूं
3 वर्ष पहले
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