प्रेम, उत्सव है!
जेठ की तपती, दोपहरी मे,
बसंत सा, अनुभव है!
उद्विग्न स्वासों का,
क्रमबदध्, अवसान,उद्भव है!
विहंग, आकाश मे!
पक्षियों का, कलरव है!
प्रेम, उत्सव है!
रति, विरक्ति युग्म सुशोभित,
अद्भुत, विरल समन्वय है!
मद मे चूर, सुधा भरपूर!
यौवन ऋतु का, गौरव है!
प्रेम उत्सव है!