विज्ञापन

काम मेरे काम आया

Maneesh Tiwaree

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कागज-कलम, लफ्ज़-जज़्बात,
        
                                                    
                            
सजाकर काम को बनाया l
तन- मन, प्रेम- लगन,
सब काम में लगाया l
मैं दूसरों के, और काम मेरे काम आया ....
दिन- रात, महीने- साल,
खुद को काम में हराया l
घर- परिवार, दोस्त- यार,
को काम के पीछे भुलाया l
मैं दूसरों के, और काम मेरे काम आया ....
सुख- चैन, शाम-आराम,
काम करते करते डुबाया l
जागा- सोया, खोया- रोया,
काम में ही दिल जलाया l
मैं दूसरों के, और काम मेरे काम आया ....
रुपया -पैसा, शान- शौकत,
काम से ही कमाया l
जीवन-मृत्यु, शांति- मुक्ति,
काम में ही पाया l
मैं दूसरों के, और काम मेरे काम आया ....
22 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Aditya Mishra

1 कविता

View Profile