शुरुआत तो कर, लिखना शुरु तो कर,
कविता, कहानी, लेख आदि
लिखना शुरू तो कर |
माना तेरी कविताओं में
नहीं होगा अनुप्रास अलंकार।
माना तेरी कहानियों में
नहीं होंगे ज्यादा पात्र।
परंतु शुरुआत तो कर तू,
कलम काग़ज़ उठा तू,
सोच की गहराई में डूब जा तू,
जहां कोई न पहुंचा ,
वहां पहुंच तू,
पर पहले शुरुआत तो कर तू।
मुक्त छंद से शुरू कर तू,
लय अपने आप बन जायेगा।
इस कविता में है वीर रस,
तेरी कविता में होगा,
कौन सा रस,बता तू?
पर पहले........
शुरुआत तो कर तू !
- मनस्वी राज
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