कभी सोचा है गौर से आखिर है क्या शब्द?
एक इंसान के नाज़ुक हृदय में जो कर दे गहरे छेद,
एक इंसान के मन की शांति जो कर दे भेद,
वही धारदार गहरे घाव करने वाली तलवार है शब्द।
दुखों के पहाड़ों से परेशान को जो कर दे मंद पवन सा शांत,
एक इंसान की समुद्र सी विशाल मुसीबतों का मिटा दें प्रांत ,
वही रोग निवारण दुर्लभ आयुर्वेदिक औषधि है शब्द।
दुर्योधन शकुनी सा भृष्ट प्रयास जो करा दे महाभारत सा युद्ध,
श्री कृष्ण सा साथी जो अर्जुन से मन को करदे कर्मों से शुद्ध,
वही अंधेरे में भी पथ प्रदर्शन करती रोशनी है अच्छे शब्द।
जिसे धैर्य से परम ध्यान से प्रयोग में लाया जाए,
जिसे जग कल्याण में अधर्मियों का नाश कराया जाए,
वह है वास्तविक शब्द ,वह है सत्य शब्द।