सुंदर हरियाली ,ठंडा बहता पानी ,शीतल पवन,
जिस पवित्र स्थान से होती है अमरनाथ यात्रा का आगमन
महकती सुनहरी मिट्टी स्वेत पत्थर करते पथ प्रदर्शन,
यह स्थान था सुंदर घाटियों फूलों का सुंदर उपवन।
एक दिन कुदरत के करिश्मा को देखने आए थे कुछ जन,
अपने परिवार जीवन साथी बच्चों संग बिताने सुकून के क्षण,
पर क्या पता था उन्हें की इस स्थान पर होगा मौत से मिलन,
आकर आतंकी धर्म के कारण अपने परिवार और शरीर से ,कर देंगे विछड़न।
उजड़ गई खुशियां उजड़ गया सिंदूर और लोगों का खान पान,
इस पवित्र धरती पर आनंद मौत से हो गया सुनसान ,
अमरनाथ के महादेव से लोगों के मिलन में आ गई अड़चन,
उजड़ गई स्थानीय लोगों की रोटी पानी और मेहनत का आंगन।