क्यो माँ को तुमने भुला दिया
अपनी यादों से यू मिटा दिया
कैसे भूल गए उसकी पीड़ा को
जो नश्तर उसके मन पर चला दिया
कैसे इतने अमीर हो गए तुम
जो माँ के प्यार को ग़रीब बना दिया