विज्ञापन

स्याही बन:.....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उदास लम्हों में तू सहायक बन जाती है
        
                                                    
                            
कलम तू ही साथ हमेशा निभाती है..।।

एहसासों के मोती को कागज पर ढाल पाती है।
भावनाओं की स्याही बन पन्नों पर उतर आती है।
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Nidhhi Mukesh

22 कविताएं

View Profile

Sarthak Piyush

28 कविताएं

View Profile