"गुरु जी, आपने ज्ञान से नवाजा है;
आपका उपकार बहुत बड़ा है
ज्ञान का दीप जला,अज्ञान को मिटाते हैं
गुरुजी आप जीवन को जीवन बनाते हैं
भटके जो राह से हम
आप सुमार्ग पर लाते हैं
इसलिए आप ईश्वर का दर्जा पाते हैं
हम अज्ञानी भ्रमित हो जाते हैं
आप ही ज्ञान का ज्योत जलाकर
सही गलत की परख कराते हैं
गुरुजी ज्ञानी हैं आप
बुद्धिहीन हैं हम
आप हैं भगवान
बहुत दीन हैं हम
आपके चरणों की धूल मिले
हमारे जीवन में भी ज्ञान का फूल खिले
आपको बार-बार कोटि-कोटि प्रणाम
आप हैं बहुत पूजनीय और महान
गुरुजी, आपको बारम्बार
शत् शत् नमन करते हैं हम
आपके आशीर्वाद से धन्य धन्य हो जाते हैं हम
आपके आज्ञा को शिरोधार्य करते हैं हम
गुरुजी प्रणाम, बहुत बार प्रणाम।।
-ममता तिवारी