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सब्ज़ी वाले भईया

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वह देखो मां बाहर
        
                                                    
                            
एक सब्जी वाला आया है।
कई तरह के सुंदर-सुंदर
ताजी सब्जी लाया है।

हरी-हरी सब्जी गाड़ी में
धनिया पत्ता भी हरी वाली है।
आलू गोभी टमाटर कटहल
सारी सब्जी मनभाने वाली।

सब्जी भी कई तरह की
मटर सेम केला कोफ्ता वाली
जोर-जोर से आवाज लगाता
मिर्ची भी तीखी वाली।

अंगूर भी लेकर आया
आम चटनी वाली है।
तरह-तरह के फल से
भरी एक सुंदर गाड़ी है।

छोटे-छोटे चीकू संतरे
अनार भी मीठी वाली।
मन करे ले लू मां
मुन्नी है खाने वाली।

चुन्नू ने सेव केला ले लिया
मुन्नी स्कूल से आने वाली
ले लू फल मुन्नी के लिए
मुन्नी जिद करने वाली।

रूठ जाती मुन्नी मां
कहां जल्दी मानने वाली
थोड़ी-थोड़ी बातों के लिए
जिद पर अड़नेवाली।

पापा की बहुत लाडली
चेहरे से भोली भाली
चंचल चुलबुल थोड़ी
हटके शरारत करने वाली।

चुन्नू भी कम चंचल नहीं
छुप जाता घर के कोने में
आती मुन्नी स्कूल से
व्यस्त हो जाती रोने में।

सब्जी वाला भैया खड़े
कब से बाहर ठंडी मे
जल्दी हरी सब्जी ले लू
उनको जाना मंडी में।

दादी के पास जाकर
खाने लगी फल धोकर।
मै भी सब्जी वाले को
बाहर से आईं पैसे देकर।
6 महीने पहले
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