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रौनक कहां होती

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            स्त्री ना होती तो रौनक कहां होती,
        
                                                    
                            
सारा जमाना सोया रहता,
भोर कहाँ होती,
चारों ओर अंधेरा रहता,
जगमग जगमग अज़ोर कहां होती।।
-ममता तिवारी
7 महीने पहले
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