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रक्त की एक एक बूंद:...देशभक्ति

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रक्त की एक-एक बूंद
        
                                                    
                            
न्योछावर है भारतवर्ष पर
एक-एक नहीं कितने कर्ज हैं
इस देश का हम पर......

देश के शहीदों की
कुर्बानियां याद आती है
हर पल जिम्मेदारियों ने
पीछे मुड़ने नहीं दिया घर तक

अंतिम सांस तक
जंग करते रहे सीमा पर
कितने गोलियां.....…
बेझिझक खाए........
वीरों ने सीने पर.......

टूटे पर रुके नहीं
वीर कभी झुके नहीं
आत्म स्वाभिमानी वीर
हमारे लड़ते रहे जंग...
अंतिम सांस तक.......

भारतवर्ष की वीरों की
महानता यही..........
रक्त की एक-एक बूंद
न्योछावर कर देते.....
भारतवर्ष पर.........।।
-ममता तिवारी
3 महीने पहले
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