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नत मस्तक होकर पाना

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            विद्या से बड़ा धरा पर न कोई,
        
                                                    
                            
प्रकाश के आगे अंधेरा टिका न कभी।
विद्या का धनी पहुचाता नहीं हानी,
पूजने योग्य माता विद्या भवानी।
शिक्षा स्त्रोत रोशनी का,
दूर करता अंधेरा मन का।
मन का उपवन खिलता,
बिना मेहनत कहां मिलता।
शिक्षा के आगे झुक जाना,
नतमस्तक होकर पाना।
पढ़ने में न घबराना तुम,
केवल शिक्षा के आगे शीश नवाना तुम।
9 महीने पहले
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