विज्ञापन

नंदलाल के ठिठोली

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गोपियों के संग ठिठोली का,
        
                                                    
                            
आ गया पर्व होली का,
नंदलाल के मस्ती, उन्माद रंगोली का,
आ गया पर्व होली का।
राधा सखियों संग मुंह छुपाए,
कान्हा को रंग खूब सुहाएं,
रंग गई राधा कान्हा के रंग में,
कैसे बचती नटखट कन्हैया के प्रीत के रंग से।
हर तरफ खुशहाली है,
कान्हा ने भरी पिचकारी है,
हर तरफ बहार आई है,
नंदलाल राधा,गोपी सब पर मस्ती छाई है।
रंगों का त्योहार आया है,
कितना सुन्दर नजारा है,
कान्हा ने रंग उठाया है,
बृज प्यार के रंग में नहाया है।
7 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

samarth dalela

4 कविताएं

View Profile

MURLI music

60 कविताएं

View Profile