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मंजिल खुद

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आशा इतनी प्रगाह रखो,
        
                                                    
                            
निराशा खुद भाग जाए।
हौसला इतना बुलंद रखो,
मंजिल खुद गले लगाए।
-ममता तिवारी
7 महीने पहले
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