गुलाब जैसी खुशबू आती है किताबों से
बहुत लुभाती हैं
अपने मीठी बातों से
दिलकश अंदाज से देखती हैं
सुकून मिलता,जब रिश्ता जुड़ता है
जज्बातों से
बहुत ही नेक फितरत है इनकी
सबको मिला देतीं सबकी मंजिलों से
लब्ज़ खोलतीं नहीं बहुत कुछ कहतीं हैं
खामोशी में ही इनके सारी सृष्टि समाई होती हैं
ये अपना एक अलग अंदाज रखतीं हैं
इनकी अनुभूति में शहद घुली होती है
ये सबसे जुदा हसीं और खूबसूरत लगतीं हैं
शायद इसीलिए दिल को छूती हैं
इनसे गुलफ्गू करने से आत्मा में तृप्ति होती है
ये सबको खुशियां ऊर्जा देनेवाली जड़ी-बूटी हैं।।
-ममता तिवारी