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खुद की अलग पहचान

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तूफानों में जो खड़ा रहता,
        
                                                    
                            
जिद पर जो अपनी अड़ा रहता,
कंकड़ पत्थर पानी जो झेलता,
वही तो जीवन में निखरता।

खुद ही खुद को संभालता,
चट्टानों में भी राह बनाता,
हार हरगिज़ नहीं मानता,
वही तो अपना इतिहास रचता।

अगर जज्बा है कुछ करने का,
तो हर लड़ाई खुद लड़नी होगी,
किसी से नहीं उलझना हाेगा,
ऊंचाई की सीढ़ी चढ़नी होगी।

खुद की अलग पहचान होगी,
कदमों में तुम्हारे जहान होगी,
नाम अपना रोशन करोगे,
माता-पिता के सपने पूरे करोगे।
7 महीने पहले
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