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कदम बढ़ते गए

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कदम बढ़ते गए
        
                                                    
                            
पथ आसान होते गए
राह में रुकना
कभी आया नहीं
राहों में ठोकड़े
तो बहुत लगे
लेकिन,पांव ने कभी
हार माना नहीं
पथ के कंकर,पत्थर
से डरे नहीं कभी
क्योंकि,हौसलों ने साथ
छोड़ा नहीं कभी
हां,माना मखमली
रास्ते नहीं मिले
लेकिन,इस बात का
गम नहीं सताता कभी
शूल से अनभिज्ञ नहीं
रहे इस एहसास से मन
हर्षो उल्लास से
भर जाता है अभी
आसमां की दीवानी हूं
उम्मीदें है बहुत बड़े
जंग खुद से है एक
बाकी अभी
रक्तमय पावों से,
जिगर के हौसलें से
लिखनी है रोमांचक
कहानी अभी हमें
दूर तलक तक
केवल मंजिल
दिखता है हमें
कदम बढ़ते रहेंगे
हार नहीं मानेंगे अभी।।
-ममता तिवारी
4 महीने पहले
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