जीवन अनमोल है, हम समझते ही नहीं,
ज्यादा पाने के चक्कर में हम जीवन ख़ुशी
से जीते ही नहीं,
सब रह जाता है,धरा के धरा यहीं
हम चले जाते है, वापस कहीं।
एक एक क्षण को ख़ुशी से भरपूर,
जीना ही असली सफ़लता और,
हंसते खिलखिलाते परिवार,
और उनके चेहरे के मुस्कान
ही वास्तविक सम्पत्ति है।
एक एक पल को सहेजकर
इतने शिद्दत से महसूस कर
के जीवन जीना चाहिए।
यमराज भी आ जाए,
तो हम ख़ुशी से झूम कर
बोल सके।
चलों ले चलो हम है, यही खड़े।
हमारा देश के प्रति, धरती मां के
प्रति कुछ दायित्व उन्हें भी निभाने हैं।
अंत में तो पक्का यहां से जाने है।
चलने कहां बहाने हैं।
वक्त पे संभल जाए,
जो भी है,जैसे है, जहां हैं।
उत्तम से उत्तम तरीके से,
जीवन बिताने हैं।
क्योंकि,एक दिन यहां से जाने है।
चलने कहां बहाने हैं।
हम गर्व से मौत के आंख में
आंख डाल कर बोल सके
ले चलो जहां तुमको ले जाने है,
हमनें सब अपना कर्म निभा लिए है।
जीवन को सार्थक बना लिए हैं।
उत्सव की तरह जीवन के एक एक
क्षण बीता लिए है।
मुस्कान होठों पर सजा लिए हैं।
हमनें बेहतरीन से बेहतरीन जीवन
को सौगात दिए हैं।
अपनों के जीवन में मुस्कान दिए हैं।
पूरा अपना अरमान किए हैं।
खुशी खुशी जीवन जी लिए है।
तुम्हारा भी दिल से स्वागत करेंगे,
चल वहां भी साथ निभाएंगे
खुशी खुशी तुमको गले लगाएंगे
वहां भी जश्न मनायेंगे।
धरती पर खुशियां बिखेरे है।
स्वर्ग में भी हंसी के फूल खिलाएंगे,
ना यहां डर के जिए है।
ना वहां सिहर के रहेंगे।
उमंग के साथ आए थे,
उमंग के साथ जाएंगे।
अपनों के लिए आए थे,
सभी अपनों को प्यार देके
जाएंगे,
सबको उत्साह का उपहार,
देके जायेगें,
ना कुछ लेके आए हैं ना कुछ
लेके जायेगें।
प्यार देने आये थे, प्यार लेके जायेगें।।