विज्ञापन

जब धरा पर

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिवाकर निशा को चीरते हुए
        
                                                    
                            
जब धरा पर प्रकाश बिखरते हैं
जन-जन के जीवन में पुनः हर्ष उल्लास भरते हैं
मन की बगिया में फूल खुशी के खिलते हैं
जब लालिमा लिए सर्वत्र उजाले करते हैं
दिल का आलम पल में यूं बदलते हैं
जैसे सूने मन के आंगन में राग कोई बजते हैं
धरा के तिमिर पल में यूं छटते हैं
तेज रोशनी से जगमग उजियारे होते हैं
दिवाकर दिल के घने अंधेरे को जब हरते हैं
अद्भुत मन में प्रकाश उज्ज्वलित होते हैं।।
-ममता तिवारी
4 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all