मुझे खुद पता नहीं मेरी पता
तूने क्या जादू किया है बता
जुड़ गया है कैसा तुमसे नाता
खयालों में तुम हो कविता
तुम्हारी यादें देती है ताकत
दिन रात करती हूं तुम्हारी बात
तुम्हारा दिल से करती हूं स्वागत
तुम्हारे आने से मिल जाती राहत
तुम हो मेरी हसरत और चाहत
तुममें है खूबसूरती और नजाकत
हो गई है बेहद दिल से मोहब्बत
मेरी मां के बातों का देती हो सौगात
लिखने में हो जाती मां से मुलाकात
खूबसूरत देती हो मन को एहसास
हरदम रहती हो मेरे दिल के पास
बना देती हो हर दिन को खास
बहुत उत्तम है तुम्हारा आभास
जीवन को देती हो तुम प्रकाश
उत्कृष्ट अदभुत तुम्हारा विचार
करती हो ऊर्जा का संचार
बहुत सुंदर तुम्हारा व्यवहार
करती हूं तुमसे बेइंतहा प्यार
आई लव यू कविता दिल के पास