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गहरे दुखों से ही:....…

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            गहरे दुखों से ही जन्म लेता है
        
                                                    
                            
इंसानों में मृदुल व्यवहार,
अत्यधिक सुख से मानव मन में
उपज जाता अहंकार।
या यूं कहें कि सुख की अति
मानव मन में घमंड का बीज बो देती है
दुःख दैविक दृष्टि प्रदान करता है
दुःख तोड़ता नहीं मानवता से जोड़ देता है
सुख कुछ बनाए न बनाए
इसकी कोई गारंटी नहीं
लेकिन दुःख जरूर कुछ बना देता है
ये आंतरिक शक्ति जगा देता है
दुःख ही दृढ़ता से जीना सिखाता है
दुःख में ही क्षमता है हृदय को चीरकर
पुनः नया करने की
सुख में क्षमता है हमें विलासी बनाने की
दुख में क्षमता है हमें अविनाशी बनाने की
दुख में न घबराना है न टूटना है
दुख से केवल सीखना है
और आगे बढ़ते रहना है
क्योंकि ये सब जीवन को
खूबसूरत बनाते हैं
दुख-सुख रात-दिन
अमीरी-गरीबी धूप-छांव
सर्दी-गर्मी बरसात
किसी भी एक से हमारा जीवन मुकम्मल
नहीं हो सकता।
इसलिए हमारे हाथों में बस इतना
ही है कि हम जो आए
जैसे आए सबका स्वागत
दिल से करें। जीवन क्या है
बुरे वक्त में भी
अच्छाई तलाश कर
खुश रहना और सबको खुश
रखना ही असली सार्थक जीवन है।।
-ममता तिवारी
 
3 महीने पहले
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