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एक पेड़ ने कहां पथिक से:....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            एक पेड़ ने कहा
        
                                                    
                            
पथिक से
छांव तले
चैन पाते आप
सुकून मुझे मिलता
मेरा कोई स्वार्थ नहीं
फिर भी निभाता रिश्ता
दिल में दर्द रखता हूं
अडिग खड़ा रहता हूं
फिर भी मुझे
धराशाई करने में
मनुष्य को क्या मिलता
हर वक्त हवा के लिए
पत्तों को मैं कहता हूं
तुम रहो
हिलते डुलते
मेरे आश्रय में
पथिक विश्राम करते
मेरे मन के मर्म
किसी को नहीं दिखता
ले कुल्हाड़ी आ जाते
मानवों में इतनी है हीनता
फिर भी मुझमें
दया बाकी है अभी
जब तक हूं
सबको छांव रहूंगा देता

-ममता तिवारी
3 महीने पहले
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