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एक पथिक....

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तरुवर के नीचे
        
                                                    
                            
एक पथिक
कर रहा था
आराम
मन ही मन
गा रहा था
प्रभु का गुणगान
यह पेड़ पौधे ही
डाल देते हैं
शरीर में जान
हे ईश्वर आपकी
महिमा महान
सुखे ना कभी
पेड़ पौधे
यही है मन में
अरमान
जब भी मैं
पेड़ का शीतल
छांव पाता हूं
आता है प्रभु
आपका ध्यान
मन शीतल
तन शीतल
हृदय पुष्प खिले
होठों पर सज जाते
मधुर मुस्कान
आपकी ही कृपा से
एक एक पते
डोलते हैं भगवान।।
-ममता तिवारी
4 महीने पहले
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