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डूबते हुए ख्वाब

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            डूबती हुई ख्वाबों की ये कश्ती उठते हुए प्रश्नों के भंवर
        
                                                    
                            
हर पल हर कदम पे क्यों मुझे डरा कर गिरा रहे हैं
खामोशी के दामन तले क्यों मुझे ये छिपा रहे है
गिरती हुई सांसों की ये डोरिया क्यों मुझे डगमगा रही है
किस्मत के दरवाजे कभी नहीं खुलने के क्यों गीत गा रहे
मै कहूं तो क्या सोचूं भी क्या दिल ही तो रुला रहा है
9 महीने पहले
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