दिल चाहता मां को आंखों में बसा लूं
काजल बना के आंखों में सजा लू
एक पल के लिए आंखों से न ओझल करू,
हमेशा सीने में छुपाए रहूं।
जख्म मिले मुझे मां सही सलामत रहे,
हंसते मुस्कुराते गुनगुनाते हर्षाते रहे।
रोज नए नए सपने सजाते रहे,
प्यार के बरसात करते रहे।
प्रेम अपना लुटाते रहे,
आंखों को चैन से सुलाते रहे।
मां के आंचल में जन्नत का सुख मिले,
एक पल में सौ साल की ख़ुशी मिले।
बनाने वाले कितनी शिद्दत से मां को बनाई,
ईश्वर को बहुत बहुत बधाई हो बधाई।।