विज्ञापन

दिल चाहता

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल चाहता मां को आंखों में बसा लूं
        
                                                    
                            
काजल बना के आंखों में सजा लू

एक पल के लिए आंखों से न ओझल करू,
हमेशा सीने में छुपाए रहूं।

जख्म मिले मुझे मां सही सलामत रहे,
हंसते मुस्कुराते गुनगुनाते हर्षाते रहे।

रोज नए नए सपने सजाते रहे,
प्यार के बरसात करते रहे।

प्रेम अपना लुटाते रहे,
आंखों को चैन से सुलाते रहे।

मां के आंचल में जन्नत का सुख मिले,
एक पल में सौ साल की ख़ुशी मिले।

बनाने वाले कितनी शिद्दत से मां को बनाई,
ईश्वर को बहुत बहुत बधाई हो बधाई।।
9 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Surya Barman

510 कविताएं

View Profile