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चलो फिर से

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वहीं मासूमियत का लिबास डाल लेते हैं
        
                                                    
                            
चलो फिर से छोटा बच्चा हो जाते हैं
हाथों में खिलौना कलम दवात उठा लेते हैं
चलो बचपन को एक बार फिर से जी लेते हैं
हंसना खिलखिला वह अंदाज लौटा लेते हैं
गुल्ली डंडा और गेंद फिर हाथों में उठा लेते हैं
गम को दफा खुशी को सागा बना लेते हैं
वही बच्चों वाली तरकीबें दोहरा लेते हैं
परियों की कहानियां फिर सुन लेते हैं
चलो बचपन को एक बार जी लेते हैं
बैर ईर्ष्या के लिए जगह न हो
वही बचपन वाला दिल लौटा लेते हैं
खूबसूरत एहसासों को संजो लेते हैं
कूदना उछलना लोगों को हंसाना दिनचर्या का
हिस्सा बना लेते हैं
चलो एक बार फिर से छोटा बच्चा हो जाते हैं
छोटी-छोटी खुशियों में बड़े खजाने ढूंढ लेते हैं
चलो एक बार फिर से हम बचपन को जी लेते है

- ममता तिवारी
सीवान
6 महीने पहले
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