फूलों के खुशबू मन को खूब हर्षाते हैं।
हमें फक्र है कि हम भारतीय कहलाते हैं।।
धरती माता के गोद में हम शरण पाते हैं।
तहे दिल से शुक्रिया कर शीश अपना नवाते।।
जीवन अपना हम देश के नाम ख़ुशी खुशी कर जाते हैं।
हम भारत माता के बच्चे है,थोड़ा भी नहीं घबराते हैं।।
भारत माता के सर ऊंचा करने के तरकीबें अपनाते हैं।
भारतीय यूं ही नहीं, अपने संस्कारों से पूजे जाते हैं।।
हमारे देश की मिट्टी सोना उगलती कर्म से हमारे नाते है।
हम हर चुनौतियों का सामना डटकर कर जाते हैं।।
हम भारतीय भारतीय होने पर गौरवान्वित हो जाते है।
भारत माता के लिए कुछ भी करने में नहीं सकुचाते है।।
धीर, वीर की तरह आगे ही आगे बढ़ते चले जाते हैं।
जो भी अपना फर्ज है, दृढ़ता, सौम्यता से निभाते है।।
भारत में हम जन्म लिए, इस बात पर इठलाते है।
भारत माता की चरणों की धूल मस्तक पर सजाते हैं।।
जंग में बहादुर्रो की तरह, धीरता, वीरता दिखलाते हैं।
शौर्य, तेज ओज से कर्तव्य अपना हंसकर निभाते हैं।।
भारत माता के लिए हम सबकुछ त्याग कर जाते हैं।
भारत माता को दिल की धड़कन में हम बसाते है।।
-ममता तिवारी