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बारिश की पहली बूंद और नन्ही परी की गूंज:......

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            घटा छा गई
        
                                                    
                            
बहार आ गई
मनमोहक बारिश की पहली बूंद
और नन्ही परी की गूंज
मानो जैसे संगीत की कोई नई धुन
फिजाओं में घुल गई हो
दुनिया भर की खुशियां
पल में मिल गई हो
मानो जैसे आसमान से
उतरा हो कोई सुकून
सूखी धारा के होंठों पर जैसे
मुस्कान खिल गई हो
मानो जैसे किसी ने छेड़ी हो
दिल की धुन
ये आसमां से खूबसूरत परी
यूं ही नहीं आई है
अपने साथ ढेर सारी खुशियां
और सबके चेहरे पर मुस्कान
लेकर आई है
प्रकृति, हवाएं और फिजाएं
सब मधुर गीत गुनगुना रहे हैं
उसके हंसने से घर में जैसे
बरखा की बूंदें गिरती है
चांद सा मुखड़ा,घुंघराले जुल्फ़ें
आंखे जैसे गहरे सागर
खुशियों की सौगात लाई है
भर दी उसने सूनी गागर.।।

-ममता तिवारी
2 महीने पहले
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