नींद से जाग प्राणी
ख़ुद को पहचान प्राणी
अदम्य साहस के मालिक
ख़ुद को न कमज़ोर मान प्राणी
दृढ़ निश्चय से टूटता पत्थर
हौसलों को मज़बूत कर
हर विघ्नों से टकराकर
मुश्किलों को पराजित कर प्राणी
इतिहास अपना लिख दोगे
आंतरिक शक्ति जगाओ प्राणी
बूंद-बूंद हौसलों का
सागर में मिलाओ प्राणी
सागर से भी ज्यादा गहराई
खुद में पाओ प्राणी
अपने भीतर की चेतना को
नींद से जगाओ प्राणी
बाधाओं के पास बल नहीं
ख़ुद को एहसास दिलाओ प्राणी
साहस के वाहन पर
ख़ुद को बैठाओ प्राणी
दुनिया से अज्ञानता को
ज्ञान से मिटाओ प्राणी
सच्चाई अच्छाई की पाठ
सबको पढ़ाओ प्राणी
सच्चाई से मिलती हैं
सच्ची खुशियां
इस बात को कभी न
भुलाओ प्राणी
सच्चाई के पथ पर
सदा ही चलो
झूठ की महफ़िल की
रौनक न बढ़ाओ प्राणी
जीत लो दिल
सबका प्यार से
नफ़रत की चिता
जलाओ प्राणी
मुस्कान के खूबसूरत
अनमोल मोती
दुनिया में लुटाओ प्राणी।।
-ममता तिवारी