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आसमान भी छूती

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कभी बन जाती झांसी की रानी,
        
                                                    
                            
कभी बन जाती मां सीता सती।
लड़कियां अब कमजोर नहीं आसमान भी छूती।
गौरव है, गाथा है, अनुपम है उसकी विभूति।
प्यार, संवेदना कोमलता की है प्रतिमूर्ति।।
-ममता तिवारी
7 महीने पहले
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