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कहते हैं हमने .....

Mamta Khurana

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            
कहते हैं हमने सब कुछ भुला दिया,
क्या सच में हमने सबकुछ भुला दिया?

सोचते हैं हम कभी ना बिखरेंगे,
क्या सचमुच पत्थर दिल को बना लिया?

हम कहते हैं दर्द अब कुछ नहीं,
क्या सच में दर्द को मिटा दिया?

कहते हैं हम अहसास कुछ होता नहीं,
क्या हमने सच को नहीं झुठला दिया?

कहते हैं हम अब छोड़ दी उम्मीदें सभी से
उम्मीद छोड़कर भी क्या कोई जी सका?

ये सब बातें नही तो ओर क्या हैं?
बस ये कहिये हमने दिल को बहला दिया
ठेस लगने पर इसे समझा दिया
अपमान होने पर वहाँ से खुद को हटा लिया
उम्मीद को भी खुद से बंधा लिया
अहसास होने पर उसे दबा दिया
दर्द को एक कोने में रखकर सहला दिया
बिखरने पर खुद को बना लिया
इस तरह से जीते हैं हम.....और
दुनिया ने हमको अपना बना लिया।

- ममता खुराना
2 वर्ष पहले
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